रांची। बिहार के पूर्व सीएम व राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को गुरुवार को आइआरसीटीसी घोटाले में जमानत मिल गई है, वहीं उनके हृदय की धड़कन काफी तेज हो गई है। डॉक्टर डीके झा के मुताबिक, ये काफी खतरनाक और जानलेवा है।
सांगली : चुनावों से पहले 15 लाख रूपये हर व्यक्ति के खाते में डालने मामला फिर सामने आया है दरअसल केंद्रीय मंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के प्रमुख रामदास अठावले ने दावा किया कि भाजपा जल्द ही 15 लाख रुपए देने का वादा पूरा करेगी।
मोबाइल नंबर और बैंक खाते से आप अपना आधार नंबर जोड़ना चाहते हैं या नहीं, अब यह आपकी मर्जी पर निर्भर करेगा.
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान का कश्मीर को लेकर दोमुंहा चेहरा फिर सामने आ गया है। उन्होंने कश्मीर के पुलवामा में आतंकियों और नागरिकों की हत्या पर दुख जताया है, लेकिन कश्मीर में जारी आतंकवादी गतिविधियों के बारे में कुछ भी नहीं कहा है।
नई दिल्ली। मालदीव के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति इब्राहिम सोलिह तीन दिवसीय भारत यात्रा पर हैं। जहां नई दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में इब्राहिम सोलिह ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकत की।
मुंबई: जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने शुक्रवार को कहा कि उनकी पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) ने यह जानते हुए भी भाजपा के साथ गठबंधन किया कि यह ‘आत्मघाती' होगा.
नई दिल्ली: मध्य प्रदेश में सत्ता से दूर रहने का वनवास खत्म होने के बाद बीजेपी को हराने वाली कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती थी कि आखिर वह सूबे का मुख्यमंत्री किसे बनाए? मगर काफी माथापच्ची और सियासी बैठकों के बाद आखिरकार गुरुवार की रात यह फैसला हो गया कि कमलनाथ ही राज्य के मुख्यमंत्री होंगे. दरअसल, मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री पद के दो दावेदार थे.
शिवराज सिंह चौहान के विश्वस्त मध्यप्रदेश के एक वरिष्ठ बीजेपी नेता को फोन मिलाया तो उन्होंने कहा- बागियों से थोड़ा नुकसान हो रहा है, लेकिन सरकार बना लेंगे हम लोग, थोड़े कम भी हुए भी तो हो जाएगी व्यवस्था।
लोकतंत्र में एक-एक वोट की कितनी अहमियत है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि कांग्रेस के एक प्रत्याशी को महज तीन वोटों ने विधायक बनते-बनते रोक दिया। मामला मिजोरम का है, यहां मिजो नेशनल फ्रंट के उम्मीदवार ललछनदामा राल्ते ने कांग्रेस के आर.एल. पियनमाविया को महज तीन मतों से हरा दिया। इससे पहले साल 2013 के विधानसभा चुनाव में पियनमाविया 1371 मतों के अंतर से जीते थे।
एग्जिट पोल के बाद अब चुनाव परिणाम देखकर यही लगता है कि तेलंगाना में एक ही किंग हैं- केसीआर। इन चुनावों में के.चंद्रशेखर राव को कांग्रेस, तेलुगू देशम पार्टी और वाम दलों के प्रजा कुटमी गठबंधन से कड़ी चुनौती मिली मगर केसीआर के काम और आत्मविश्वास के आगे सब फीका पड़ गया।